Mughal Empire
1. पानीपत की पहली लड़ाई का वर्णन कीजिए।
उत्तर: यह लड़ाई 1526 में बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच हुई। बाबर ने तुलुगमा नीति और तोपों का इस्तेमाल किया। इब्राहिम लोदी मारा गया और भारत में मुगल वंश की नींव पड़ी।
2. हुमायूँ की असफलता के दो कारण लिखिए।
उत्तर: (1) अपने भाइयों पर ज्यादा भरोसा और उदार स्वभाव। (2) शेरशाह जैसा ताकतवर दुश्मन और निर्णय में दृढ़ता की कमी।
3. शेरशाह कौन था? शेरशाह ने अपने शासनकाल में क्या प्रमुख कार्य किए?
उत्तर: फरीद खाँ ही शेरशाह था। 1540 में हुमायूँ को हराकर दिल्ली का शासक बना। प्रमुख कार्य - जी.टी. रोड बनवाई, चाँदी का रुपया चलाया और डाक व्यवस्था शुरू की।
4. शेरशाह ने कल्याण के कौन-कौन से कार्य किए?
उत्तर: जमीन की पैमाइश कर लगान तय किया, सड़कों पर सराय, पेड़ और कुएँ बनवाए और कठोर व निष्पक्ष न्याय व्यवस्था लागू की।
5. राजा टोडरमल ने राजस्व प्रशासन में सिंहासन संभालते ही हुमायूँ को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा?
उत्तर: टोडरमल का कार्य: जमीन को बीघा में नापा, उत्तम-मध्यम-खराब में बाँटा और 10 साल की औसत पर लगान तय किया। इसे दहसाला प्रणाली कहते हैं।
हुमायूँ की मुश्किलें: खजाना खाली था, सेना कमजोर थी, भाई कामरान ने काबुल हड़प लिया था और शेरशाह व बहादुर शाह जैसे दुश्मन सामने थे।
हुमायूँ की मुश्किलें: खजाना खाली था, सेना कमजोर थी, भाई कामरान ने काबुल हड़प लिया था और शेरशाह व बहादुर शाह जैसे दुश्मन सामने थे।
6. हुमायूँ का परिचय, शासन और चरित्र कैसा था?
उत्तर: हुमायूँ बाबर का बेटा था और 1530 में गद्दी पर बैठा। उसका शासन काल संघर्षों से भरा रहा, 1540 में शेरशाह से हारकर उसे 15 साल भटकना पड़ा और 1555 में फिर से दिल्ली जीती। चरित्र से वह बहुत उदार, दयालु और विद्वान था, परन्तु उसमें दृढ़ता और दूरदर्शिता की कमी थी, जिस कारण वह असफल रहा।
7. शेरशाह सूरी का परिचय, शासन और चरित्र कैसा था?
उत्तर: असली नाम फरीद खाँ था। एक जागीरदार का बेटा होकर भी अपनी योग्यता से 1540 से 1545 तक दिल्ली का शासक बना। शासन में वह बहुत कुशल, न्यायप्रिय और कठोर प्रशासक था। उसने सड़कें, सराय, रुपया और लगान व्यवस्था जैसे महान कार्य किए। चरित्र से वह साहसी, परिश्रमी और प्रजा-हितैषी शासक था।

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