वंदन (Adoration) | कक्षा 6 नैतिक शिक्षा
भाग 1 : कठिन शब्द और उनके अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| वंदन | प्रणाम करना, नमस्कार करना |
| मातृभूमि | जन्मभूमि, माँ के समान देश |
| महकता चंदन | खुशबूदार चंदन जैसा पवित्र |
| आँचल | साड़ी का किनारा, माँ की शरण |
| नटखट, चंचल | शरारती, चुलबुला |
| शिशु | छोटा बच्चा |
| अभिनंदन | स्वागत करना, सम्मान करना |
| शोभा | सुंदरता, खूबसूरती |
| सम्मुख | सामने |
| कल्पलता / कल्पवृक्ष / नंदन वन | इच्छा पूरी करने वाली लता, पेड़ और स्वर्ग का बगीचा |
| रत्तीभर | थोड़ा सा भी, ज़रा सा भी |
| आँच | नुकसान, कष्ट |
| वंशज | वंश का होने वाला, औलाद |
| भव्य मुकुट / हिमगिरि | हिमालय पर्वत, भारत का मुकुट |
| सर्वस्व समर्पण | अपना सब कुछ दे देना |
भाग 2 : प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. कवि ने मातृभूमि की मिट्टी को क्या कहा है?
उत्तर: कवि ने मातृभूमि की मिट्टी की धूल को महकता हुआ चंदन कहा है, जो बहुत पवित्र और सुगंधित है।
प्रश्न 2. कवि का बचपन कैसे बीता?
उत्तर: कवि का बचपन मातृभूमि की गोद रूपी पालने में झूलते हुए, खेलते हुए और उसके आँचल में बड़ा होते हुए बीता।
प्रश्न 3. कवि मातृभूमि को सौ-सौ बार अभिनंदन क्यों करना चाहता है?
उत्तर: क्योंकि मातृभूमि ने कवि के लिए सब कुछ सहा है लेकिन कभी कुछ नहीं कहा। उसी ने उसे पाल-पोस कर इतना बड़ा किया है, इसलिए वह सौ-सौ बार उसका अभिनंदन करना चाहता है।
प्रश्न 4. कवि को अपनी मातृभूमि सबसे प्यारी क्यों लगती है?
उत्तर: कवि कहता है कि दुनिया में बहुत सुंदर देश हैं, लेकिन उसकी मातृभूमि की शोभा सबसे प्यारी है। उसकी सुषमा-सुंदरता-गरिमा के सामने स्वर्गलोक की सुंदरता भी एक-एक करके हार जाती है।
प्रश्न 5. कवि ने मातृभूमि को कल्पलता और नंदन वन क्यों कहा है?
उत्तर: क्योंकि जैसे कल्पलता और नंदन वन सभी की इच्छाएँ पूरी करते हैं, वैसे ही हमारी मातृभूमि भी हम सब की आशाओं और अभिलाषाओं को पूरा करती है।
प्रश्न 6. कवि देश की रक्षा के लिए क्या प्रण लेता है?
उत्तर: कवि प्रण लेता है कि जब तक वह जीवित है, वह अपनी मातृभूमि पर रत्तीभर भी आँच नहीं आने देगा। वह कहता है कि भले ही मैं बालक हूँ पर वीर भरत का वंशज हूँ, शेरों का मुँह फाड़कर दाँत दिखला दूँगा।
प्रश्न 7. भव्य मुकुट और अडिग सिंधु-सिंहासन से क्या मतलब है?
उत्तर: भव्य मुकुट से मतलब हिमालय पर्वत से है जो भारत के सिर का ताज है, और अडिग सिंधु-सिंहासन से मतलब भारत के चारों तरफ फैले हुए समुद्र से है। कवि कहता है ये दोनों उसके हाथों में सुरक्षित हैं।
प्रश्न 8. कवि माथे पर तिलक किस चीज़ से लगाता है और क्यों?
उत्तर: कवि रोली से नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि की मिट्टी से माथे पर तिलक लगाता है। उसे गर्व है कि उसका नाता इस देश की मिट्टी से है और वह अपना सब कुछ उसी को समर्पित करना चाहता है।

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